अपराध

यूपी के 68 हजार ग्राम प्रहरियों का मानदेय बढ़ा!

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 13 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
यूपी के 68 हजार ग्राम प्रहरियों का मानदेय बढ़ा!

वीओ – पर्व और त्योहार के आगाज से पहले सुरक्षा की फिक्र और जुबां पर 2017 से पहले के वक्त का जिक्र... बरेली की धरती से सीएम योगी ने फिर एक बार कुछ इस अंदाज में विपक्ष को कानून व्यवस्था के मुद्दे पर घेरते हुए करारा प्रहार किया है...

बाइट – योगी आदित्यनाथ, CM, यूपी -

वीओ – अपराध के खिलाफ सीएम योगी की जीरो टॉलरेंस नीति यूपी की कानून व्यवस्था में आई मजबूती की बड़ी वजह रही हैं... एसे में सीएम योगी ने न सिर्फ यूपी के सुरक्षित माहौल की तस्वीर पेश की ही... बल्कि ग्रामीण इलाकों में कानून-व्यवस्था बनाए रखने की सबसे अहम कड़ी ग्राम प्रहरियों को बड़ी सौगात भी दी है...

बाइट – योगी आदित्यनाथ, CM, यूपी -

वीओ - सीएम योगी ने प्रदेश के 68 हजार ग्राम प्रहरियों का मानदेय 2500 से बढ़ाकर 3500 रुपए करने का ऐलान किया है... इसके साथ ही ग्राम प्रहरियों के परिवार को 5 लाख तक कैशलेस इलाज देने की भी योजना है।

💡 पृष्ठभूमि (Background)

यूपी सरकार ने 68,000 ग्राम प्रहरियों का मानदेय बढ़ाने का निर्णय लिया है, जो राज्य की सुरक्षा संरचना में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह कदम 2017 से पहले के स्तर से ऊपर उठाकर ग्रामीण सुरक्षा कर्मियों को अधिक आर्थिक सशक्तिकरण देता है। मानदेय बढ़ाने से ग्राम प्रहरियों की प्रेरणा और कार्य दक्षता में वृद्धि होगी, जिससे ग्रामीण इलाकों में अपराध घटेगा और सामाजिक शांति बनी रहेगी। आम जनता को बेहतर सुरक्षा और आर्थिक लाभ मिलेगा, क्योंकि ग्राम प्रहरियों की सेवा से ग्रामीणों का जीवन अधिक सुरक्षित और शांतिपूर्ण होगा

🎙️ वॉयस ऑफ क्रांति का मत

किसी भी विवाद को सुलझाने के लिए कानूनी मार्ग और संवाद सबसे बेहतर विकल्प हैं। जब अपराध की बात आती है, तो कानून के प्रति सम्मान और न्याय की भावना से समाज को सशक्त बनाना चाहिए। हमें न केवल पीड़ितों के प्रति सहानुभूति दिखानी चाहिए, बल्कि अपराध को रोकने के लिए शिक्षा, रोजगार और सामाजिक समावेशन पर भी ध्यान देना चाहिए। इस प्रकार हम एक सुरक्षित, समान और समृद्ध समाज की नींव रख सकते हैं।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।