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यूपी-आजमगढ़ में पत्नी-बेटे, दो पुजारियों को मारने वाले का एनकाउंटर:3 बच्चों को बंधक बनाया था, एक को गोली मारी; जवाबी कार्रवाई में मारा गया

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 3 अक्टूबर 2026 👁️ 7 बार पढ़ा गया
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
यूपी-आजमगढ़ में पत्नी-बेटे, दो पुजारियों को मारने वाले का एनकाउंटर:3 बच्चों को बंधक बनाया था, एक को गोली मारी; जवाबी कार्रवाई में मारा गया

आजमगढ़ में पत्नी, बेटे और दो पुजारियों की हत्या करने वाला आरोपी एनकाउंटर में मारा गया। उसने पकड़े जाने के डर से अपने 3 बच्चों को कमरे में बंधक बना लिया था। इस दौरान उसने एक बच्चे की भी हत्या कर दी। पुलिस पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। ATS, SOG और पुलिस की जवाबी कार्रवाई में हत्यारा अरविंद सिंह (42) मारा गया।

पुलिस के मुताबिक, वह घर में पूजा कराने से नाराज था। मंगलवार शाम 6 बजे इसी बात को लेकर पत्नी से बहस हो गई। फिर उसने पूजा करा रहे पुजारियों से आधार कार्ड मांगा। बहस करने लगा। इसी बीच गुस्से में आरोपी भागकर कमरे में गया। अपनी लाइसेंसी राइफल लेकर आया। दो पुजारियों और पत्नी को गोली मार दी।

इसके बाद अरविंद ने अपने 3 बच्चों को कमरे में बंधक बना लिया। सूचना मिलते ही 6 थानों की फोर्स मौके पर पहुंची। वह लगातार बच्चों को मारने की धमकी देने लगा। हालात बेकाबू होते देखकर SOG और ATS कमांडोज की टीम को बुलाया गया। टीम ने पूरे घर को घेर लिया। इस दौरान पुलिस आरोपी को समझाती रही। 7 घंटे तक अरविंद बच्चों के साथ कमरे में बंद रहा।

रात 1 बजे उसने अपने 9 साल के बेटे शौर्य को गोली मार दी। इसके बाद पुलिस ने घर में दाखिल हुई। बच्चों को छुड़ाया और आरोपी को मार गिराया। मृतकों में हत्यारे अरविंद सिंह के अलावा पत्नी बबीता सिंह (40), बेटा शौर्य (9), पुजारी महेंद्र पाठक (60) और अखिलेश मिश्रा (55) शामिल हैं। घटना जिला मुख्यालय से करीब 50 किमी दूर अहिरौला थाना क्षेत्र की है।

घटना से जुड़ी 5 तस्वीरें देखिए- अब सिलसिलेवार तरीके से पूरा मामला समझ लीजिए- भूत-प्रेत के साए की आशंका पर पूजा हो रही थी

अरविंद सिंह शंभूपुर गहजी गांव का रहने वाला था। परिवार में पत्नी बबीता सिंह के अलावा मां समला देवी (70), बेटी परी (5), बेटा शौर्य और सात महीने की बेटी है। घर पर 4 दिनों से पूजा चल रही थी। जिले के ही रहने वाले पंडित महेंद्र पाठक (60), अखिलेश मिश्रा (55), उनके बेटे हिमांशु मिश्रा समेत 4 पंडित पूजा करा रहे थे।

परिवार को आशंका थी कि अरविंद पर भूत-प्रेत का साया है। एक पंडित ने पुलिस को बताया कि आज पूर्णाहुति थी। अरविंद के बड़े भाई सुनील सिंह की आत्मा उन्हें परेशान कर रही थी। इसलिए समला देवी और बबीता ने पूजा के लिए बुलाया था। अरविंद ने हमें न आने की चेतावनी दी थी। पत्नी से बहस, पुजारियों को अपशब्द कहे

पुजारी ने ब

📡 स्रोत: Dainik Bhaskar

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🎙️ वॉयस ऑफ क्रांति का मत

इस दुखद घटना से हमें यह सिखने को मिलता है कि किसी भी विवाद का समाधान शांतिपूर्ण और कानूनी मार्ग से ही संभव है। यदि परिवार में मतभेद हों, तो संवाद और परामर्श से समाधान खोजें, न कि हिंसा से। समाज में सहानुभूति और समझदारी को बढ़ावा देकर, हम ऐसे त्रासदियों को रोक सकते हैं। पीड़ितों के परिवार के प्रति गहरी संवेदना और सहानुभूति व्यक्त करते हुए, हम सभी को मिलकर एक सुरक्षित और शांतिपूर्ण समाज की दिशा में कदम बढ़ाने का आह्वान करते हैं।

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