यूपी के आजमगढ़ शम्भूपुर हत्याकांड के बाद पुलिस की मानवीय पहल
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आजमगढ़ के अहरौला थाना क्षेत्र के शम्भूपुर गांव में हुई हृदयविदारक घटना में पांच लोगों की मौत हो गई थी। पूरे अभियान के दौरान एडीजी वाराणसी जोन नवीन अरोड़ा और डीआईजी आजमगढ़ परिक्षेत्र सुनील कुमार सिंह घटनास्थल पर मौजूद रहे और पुलिस टीम को दिशा-निर्देश देते रहे। पुलिस टीम ने अभियान के दौरान दोनों मासूम बच्चियों—परी और छह माह की बच्ची—को सकुशल बाहर निकाला।
परी की कोहनी के पास मामूली खरोंच आई है।घटना में दोनों मासूम बच्चियां अपने माता-पिता के साये से महरूम हो गई हैं। ऐसे में आजमगढ़ पुलिस परिवार ने दोनों बच्चियों के पालन-पोषण, शिक्षा-दीक्षा और भविष्य में सहयोग की जिम्मेदारी उठाने का फैसला किया है। एसएसपी आजमगढ़ डॉ. अनिल कुमार अपना एक माह का वेतन, जबकि जनपद के पुलिसकर्मी एक दिन का वेतन दोनों बच्चियों के लिए देंगे।वहीं, पूजा के दौरान आरोपी की गोली लगने से जान गंवाने वाले दोनों पुरोहितों के परिजनों को शासन स्तर से आर्थिक सहायता देने की प्रक्रिया भी पूरी की जा रही है।
बाइट — डॉ. अनिल कुमार, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, आजमगढ़
🎙️ वॉयस ऑफ क्रांति का मत
हिंसा के बाद भी मानवता की रोशनी चमकती है। जब संघर्षों का सामना हो, तो संवाद, कानून और सहानुभूति को प्राथमिकता दें। परिवारिक विवादों में समझौता, आर्थिक मतभेदों में न्यायालय की सहायता, और गुस्से में संयम—ये रास्ते शांति के द्वार खोलते हैं। पीड़ितों के प्रति संवेदना और समाज के प्रति जिम्मेदारी से हम एक सुरक्षित, दयालु और न्यायपूर्ण समाज का निर्माण कर सकते हैं।