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यूपी में आयुष विद्यार्थियों की बल्ले-बल्ले! इंटर्नशिप भत्ता ₹7,500 से बढ़कर ₹15,000 प्रतिमाह, 1,714 छात्रों को मिलेगा लाभ

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 10 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
यूपी में आयुष विद्यार्थियों की बल्ले-बल्ले! इंटर्नशिप भत्ता ₹7,500 से बढ़कर ₹15,000 प्रतिमाह, 1,714 छात्रों को मिलेगा लाभ

मिथिला हिन्दी न्यूज | रोहित कुमार सोनू, संपादक लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार ने सरकारी आयुर्वेद, यूनानी और होम्योपैथी चिकित्सा संस्थानों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को बड़ी राहत देने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में आयुष पाठ्यक्रमों के पात्र इंटर्न का मासिक भत्ता दोगुना करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।

अब पात्र विद्यार्थियों को इंटर्नशिप के दौरान हर महीने 7,500 रुपये के बजाय 15,000 रुपये मिलेंगे। इस फैसले से चिकित्सा शिक्षा प्राप्त कर रहे विद्यार्थियों को आर्थिक सहायता मिलेगी और प्रशिक्षण के दौरान होने वाले खर्च को पूरा करने में मदद मिलेगी। सरकार के इस निर्णय से उत्तर प्रदेश के सरकारी आयुष चिकित्सा संस्थानों में इंटर्नशिप कर रहे कुल 1,714 विद्यार्थियों को लाभ मिलने की बात कही गई है।

इनमें आयुर्वेद के 588, यूनानी चिकित्सा के 150 और होम्योपैथी के 976 इंटर्न शामिल हैं। संबंधित पाठ्यक्रमों की परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद विद्यार्थी अनिवार्य इंटर्नशिप करते हैं, जिसमें उन्हें अस्पतालों और चिकित्सा संस्थानों में व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाता है। बीएएमएस यानी बैचलर ऑफ आयुर्वेदिक मेडिसिन एंड सर्जरी, बीयूएमएस यानी बैचलर ऑफ यूनानी मेडिसिन एंड सर्जरी और बीएचएमएस यानी बैचलर ऑफ होम्योपैथिक मेडिसिन एंड सर्जरी के विद्यार्थियों को निर्धारित पात्रता और सरकारी नियमों के अनुसार बढ़े हुए भत्ते का लाभ मिलेगा।

इंटर्नशिप के दौरान विद्यार्थियों को चिकित्सा विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में अस्पतालों के विभिन्न विभागों में काम करने का अवसर मिलता है। इसमें मरीजों की देखभाल, बाह्य रोगी विभाग, अस्पताल के वार्ड और उपचार संबंधी प्रक्रियाओं का व्यावहारिक अनुभव शामिल होता है। जरूरत के अनुसार उनकी ड्यूटी अलग-अलग पालियों में भी लग सकती है।

ऐसे में भत्ते में बढ़ोतरी से विद्यार्थियों को प्रशिक्षण के दौरान आने-जाने, रहने और अन्य जरूरी खर्चों को पूरा करने में मदद मिल सकती है। उत्तर प्रदेश सरकार पिछले कुछ वर्षों में चिकित्सा शिक्षा के विस्तार पर भी जोर देती रही है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2017 में राज्य में 36 चिकित्सा महाविद्यालय थे, जिनकी संख्या बढ़कर 85 हो गई है।

इसी अवधि में एमबीबीएस की सीटों की संख्या 4,690 से बढ़कर 13,600 से अधिक होने का उल्लेख किया गया है। चिकित्सा महाविद्यालयों और सीटों में वृद्धि से मेडिकल शिक्षा के अवसरों का विस्तार हुआ है। स्वास्थ्य सुरक्षा योजनाओं के माध्यम से भी राज्य में पात्र परिवारों को इलाज के खर्च से राहत देने का प्रयास किया जा रहा है।

आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना और मुख्यमंत्री जन आरोग्य अभियान के तहत पात्र लाभार्थियों को निर्धारित नियमों के अनुसार स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिलता है। आयुष विद्यार्थियों के इंटर्नशिप भत्ते में बढ़ोतरी को चिकित्सा शिक्षा से जुड़े इस व्यापक प्रयास के हिस्से के रूप में देखा जा रहा है।

हालांकि, विद्यार्थियों को बढ़ा हुआ भत्ता कब से मिलेगा और भुगतान की प्रक्रिया क्या होगी, इसकी पुष्टि संबंधित सरकारी आदेश से की जानी चाहिए। पात्र विद्यार्थियों को अपने चिकित्सा संस्थान या संबंधित विभाग से विस्तृत जानकारी प्राप्त करनी चाहिए।

📡 स्रोत: NewsData.io

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