विदेश

यूपी के अयोध्या में राम मंदिर के प्रसाद को मिला FSSAI का विशेष प्रमाणपत्र

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 11 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
यूपी के अयोध्या में राम  मंदिर के प्रसाद को मिला FSSAI का विशेष प्रमाणपत्र

वीओ- करोड़ों भक्तों की आस्था का केंद्र माने जाने वाले अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि मंदिर ने स्वच्छता और गुणवत्ता के मामले में एक और नया मुकाम हासिल कर लिया है...राम मंदिर में मिलने वाले प्रसाद को FSSAI की ओर से 'ईट राइट प्लेस ऑफ वर्शिप, 'भोग' का आधिकारिक प्रमाणपत्र दिया गया है...जिससे देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को मिलने वाले प्रसाद की गुणवत्ता और स्वच्छता सुनिश्चित करने में आसानी प्राप्त होगी...हाल ही में FSSAI के द्वारा गहन परीक्षण कर हर मानकों पर ख़रा उतरने के बाद यह सर्टिफिकेट FSSAI के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा राम मंदिर के कोषाध्यक्ष को सौंपा गया...जिससे जुड़ी अहम जानकारी FSSAI के अधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर पोस्ट साझा कर दी गई ,आइए ग्राफिक्स के जरिए इस प्रकरण से जुड़ी तमाम अहम जानकारियों को जान लेते हैं...

ग्राफिक्स इन- हेडर- FSSAI के विशेष सर्टिफिकेट से सुशोभित...राम लला का दरबार!

-(बता दें कि अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि मंदिर को )FSSAI ने ‘ईट राइट प्लेस ऑफ वर्शिप’ के रूप में प्रमाणित किया

-( यह प्रमाणपत्र) मंदिर के खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता के निर्धारित मानकों को पूरा करने पर दिया गया

-FSSAI के वरिष्ठ अधिकारियों ने अयोध्या में आयोजित विशेष समारोह में प्रमाणपत्र सौंपा था

-रामंदिर को दिए गए FSSAI के प्रमाणपत्र की वैधता दो साल तक होगी

-(बता दें कि मूल्यांकन प्रक्रिया के तहत )कुल 114 अंकों में से श्री राम मंदिर ने 103 अंक प्राप्त किए हैं

-(जिसके बाद )श्री राम मंदिर को ‘अतिविशिष्ट श्रेणी ’में स्थान मिला है

-(इसके साथ ही ,श्री राम मंदिर के अलावा इस प्रमाणपत्र को) हनुमानगढ़ी ,कनक भवन,जैन मंदिर और मां देवकाली मंदिर को भी दिया गया है

ग्राफिक्स आउट-

वीओ- राम मंदिर में हर दिन लाखों श्रद्धालुओं का जमावड़ा होता है...देश-विदेश के हर कोने से भारी संख्या में भक्त राम लला के दर्शन के लिए आते हैं...और राम मंदिर में मिलने वाले प्रसाद को लेकर खासा श्रद्धा और विश्वास मन में लिए होते है...इसके साथ ही जो किसी कारणवश राम मंदिर नहीं आ पाते हैं ...उन्हें प्रसाद पार्सल करके भेजा जाता है...ऐसे में प्रसाद के सभी सुरक्षा और गुणवत्ता के मानकों पर खरा उतरना बेहद जरूरी हो जाता है...आइए एक ग्राफिक्स के जरिए जानते हैं...इस प्रमाणपत्र के दिए जाने वाली तमाम अहम प्रक्रियाओं के बारे में...

ग्राफिक्स इन- हेडर- कड़ी प्रक्रिया ...के बाद मिला सर्टिफिकेट!

(राम मंदिर के प्रसाद को जाँच करने वाली प्रक्रिया में )मंदिर की रसोई,खाद्य सामग्री के भंडारण,साफ-सफाई

(और) प्रसाद तैयार करने की पूरी व्यवस्था को बारीकी से परखा गया

(इसके बाद)खाद्य संचालकों को विशेष प्रशिक्षण भी दिया गया

(बता दें कि प्रमाणपत्र पाने के लिए )वैध लाइसेंस,अधिकृत ऑडिटर से निरीक्षण

(और )खाद्य सुरक्षा प्रशिक्षण के चरणों से गुजरना होता है

(इसके अलावा अतिविशिष्ट श्रेणी में उन्हीं पूजा स्थलों को जगह मिलती है) जिन्हें 100 से 114 के बीच अंक प्राप्त होते हैं

वीओ-राम मंदिर में मिलने वाले प्रसाद को लेकर FSSAI की ओर से 'ईट राइट प्लेस ऑफ वर्शिप, 'भोग' का प्रमाणपत्र मिलने से ,प्रसाद की गुणवत्ता और स्वच्छता को लेकर एक नया आयाम मिलेगा...आगामी त्योहारों के मद्देनजर FSSAI द्वारा उठाए इस कदम से श्रद्धालुओं को विशेष मदद मिलेगी...इसके साथ ही देश-विदेश में पहुँचने वाले प्रसाद को लेकर कहीं और अधिक विश्वासनीयता देखने को मिलेगी...

M
Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।