यूपी के बाराबंकी में सरयू का बढ़ा जलस्तर, दर्जनों गांव बाढ़ की चपेट में
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नेपाल से लाखों क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद सरयू नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। नदी खतरे के निशान से लगभग 70 सेमी ऊपर पहुंच गई है और करीब एक सेमी प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रही है। रामनगर, रामसनेहीघाट और सिरौलीगौसपुर तहसील क्षेत्र के दर्जनों गांवों में बाढ़ का पानी घुसने से ग्रामीणों में दहशत है। कई परिवार सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन को मजबूर हैं।
तहसील रामनगर के हेतमापुर में सरयू की तेज धार अब बाबा नारायण दास महाराज की तपोस्थली मंदिर के बेहद करीब पहुंच गई है। कटान से मंदिर के अस्तित्व पर संकट मंडरा रहा है। नदी के पानी ने पशु चिकित्सालय को भी घेर लिया है और वह भी कटान के मुहाने पर है। बाढ़ खंड और तहसील प्रशासन की ओर से नदी की धारा का रुख मोड़ने और तट को बचाने के प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन तेज धारा के सामने बचाव कार्य बेअसर साबित हो रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि बड़े-बड़े भूखंड देखते ही देखते नदी में समा रहे हैं।
सुंदरनगर, बेलहारी, बलाईपुर, बाबापुरवा, ललपुरवा, कोड़री और सरसंडा समेत दर्जनों गांव बाढ़ से घिरे हैं। अब तक हजारों बीघा कृषि भूमि नदी में समा चुकी है, जबकि करीब 50 घर कटान की भेंट चढ़ चुके हैं। कई परिवार अपना आशियाना खुद तोड़कर सामान सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा रहे हैं। महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों के सामने सुरक्षित ठिकाना तलाशने की चुनौती है। संजय सेतु से रेलवे ब्रिज तक सभी पिलर पानी में डूबे हैं। सेतु से गुजरने वाले यात्री भी नदी के रौद्र रूप को देखकर भयभीत हैं। तपेसिपाह गांव चारों ओर से बाढ़ के पानी से घिर गया है और ग्रामीणों के सामने पलायन के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा है।
वहीं जिलाधिकारी ईशान प्रताप सिंह ने बताया कि मंदिर और आबादी को बचाने का कार्य तेजी से कराया जा रहा है। नदी का जलस्तर बढ़ना जारी है और जिला प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है। जिला प्रशासन बाढ़ पीड़ितों की हर संभव सहायता कर रहा है।
बाइट- ईशान प्रताप सिंह, जिलाधिकारी, बाराबंकी