यूपीः बरेली में साइबर ठगी के नेटवर्क पर पुलिस का शिकंजा, फर्जी खाते-सिम देने वाले दो गिरफ्तार
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बरेली में साइबर ठगी के लिए फर्जी बैंक खाते और सिम उपलब्ध कराने वाले नेटवर्क के खिलाफ बरेली साइबर क्राइम पुलिस ने कार्रवाई की है। पुलिस ने दिल्ली निवासी विशाल और सचिन गुप्ता को गिरफ्तार किया है। उनके पास से 4 मोबाइल फोन, 4 सिम कार्ड, अलग-अलग बैंकों की 27 पासबुक और चेकबुक, 12 एटीएम कार्ड, आधार-पैन कार्ड की प्रतियां और अन्य दस्तावेज बरामद हुए हैं।
पुलिस के मुताबिक, दोनों आरोपी आधार कार्ड में पता बदलकर बरेली के इज्जतनगर की सैनिक कॉलोनी का पता दर्ज कराते थे। इसके बाद अलग-अलग बैंकों में खाते खुलवाकर उनकी बैंकिंग किट और सिम साइबर अपराधियों को उपलब्ध कराते थे। दोनों को जंक्शन चौकी के पास मुखबिर की सूचना पर गिरफ्तार किया गया। पूछताछ और मोबाइल में मिली व्हाट्सऐप चैट से दो अन्य लोगों के संपर्क में होने की जानकारी मिली है।
सीओ हाईवे देवेश सिंह ने बताया कि इन खातों का इस्तेमाल ऑनलाइन गेमिंग और निवेश के नाम पर होने वाले साइबर फ्रॉड में किया जाता था। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
बाइट: देवेश सिंह (सीओ हाइवे)
💡 पृष्ठभूमि (Background)
बरेली में साइबर ठगी के लिए फर्जी बैंक खाते और सिम कार्ड उपलब्ध कराने वाले नेटवर्क पर पुलिस ने कड़ी कार्रवाई की है। इस केस में दिल्ली के दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया और उनके पास से मोबाइल, सिम, पासबुक, चेकबुक, एटीएम कार्ड तथा आधार‑पैन कार्ड की नकली प्रतियाँ बरामद हुईं। यह खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि यह दिखाती है कि साइबर अपराधियों के लिए फर्जी दस्तावेज़ बनाना आसान हो गया है और इससे लाखों लोगों की वित्तीय सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है। आम जनता को सतर्क रहने, अपने दस्तावेज़ों की जाँच करने और संद
🎙️ वॉयस ऑफ क्रांति का मत
बेरोज़गारी और आर्थिक दबावों में फँस कर कुछ लोग साइबर ठगी जैसी अनैतिक राह चुनते हैं, पर यह समाज को बर्बाद कर देती है। हमें शिक्षा, रोजगार और जागरूकता के माध्यम से सही मार्ग दिखाना चाहिए। यदि कोई वित्तीय संकट में हो, तो कानूनी सलाह, बैंक काउंसिलिंग या सरकारी योजनाओं का सहारा लें। अपराध से बचकर ही हम अपने परिवार और समाज को सुरक्षित रख सकते हैं।