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यूपीः बिजनौर में मामूली विवाद के बाद ट्रैक्टर से कुचलकर 3 की मौत, महिला घायल

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 8 अक्टूबर 2026 👁️ 5 बार पढ़ा गया
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
यूपीः बिजनौर में मामूली विवाद के बाद ट्रैक्टर से कुचलकर 3 की मौत, महिला घायल

बिजनौर में मामूली विवाद के बाद एक युवक ने सड़क किनारे बैठे लोगों पर ट्रैक्टर चढ़ा दिया। हादसे में तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक महिला गंभीर रूप से घायल हो गई। घटना जमालुद्दीनपुर गांव की है। बताया गया कि दतियाना गांव निवासी वीरेंद्र सिंह का बीती शाम कुछ लोगों से मामूली विवाद हुआ था।

दोनों पक्षों में कहासुनी और मारपीट के बाद मामला शांत हो गया। आरोप है कि रात करीब आठ बजे वीरेंद्र ट्रैक्टर लेकर जमालुद्दीनपुर पहुंचा और सड़क किनारे बैठे लोगों को कुचल दिया। मृतकों की पहचान उदय, बाबूराम और महेंद्र सिंह के रूप में हुई है। ट्रैक्टर की चपेट में आई महिला को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

चश्मदीदों के मुताबिक, ट्रैक्टर बिजली के खंभे से टकराकर पलट गया, जिससे आगे बड़ा हादसा टल गया। घटना के बाद पुलिस और ग्रामीणों के बीच रातभर नोकझोंक हुई। पुलिस ने तीन शव पोस्टमार्टम के लिए भेजे हैं। मामले में दो एफआईआर दर्ज की गई हैं और तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है।

बाइट- के.के. बिश्नोई, एसपी, बिजनौर बाइट- अरविंद कुमार, मृतक का बेटा

💡 पृष्ठभूमि (Background)

बिजनौर में एक मामूली विवाद के बाद युवक ने ट्रैक्टर से लोगों को कुचल दिया, जिससे तीन की मौत और एक महिला घायल हुई। यह घटना ग्रामीण क्षेत्र में हिंसा के बढ़ते रुझान को दर्शाती है, जहाँ संघर्ष अक्सर तेज़ी से बढ़ते हैं। ऐसी दुर्घटनाएँ न केवल तात्कालिक जीवन हानि का कारण बनती हैं, बल्कि ग्रामीण समाज में सुरक्षा के प्रति जागरूकता और कानून के पालन की आवश्यकता को भी उजागर करती हैं। जनता को यह याद दिलाती है कि संघर्षों का शांतिपूर्ण समाधान और ट्रैक्टर जैसी मशीनों का सुरक्षित उपयोग अत्यंत आवश्यक है।

🎙️ वॉयस ऑफ क्रांति का मत

इस त्रासदी से हमें यह सीख मिलती है कि मामूली विवादों को भी शांतिपूर्ण ढंग से सुलझाना चाहिए—मध्यस्थता, संवाद, और कानूनी मार्ग अपनाकर। हिंसा कभी समाधान नहीं देती; यह केवल पीड़ितों को गहरा आघात पहुँचाती है। समाज को एकजुट होकर संघर्षों का समाधान शांतिपूर्वक ढूंढ़ना चाहिए, ताकि ऐसे दुखद हादसे न हों और हर जीवन का सम्मान बना रहे।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।