यूपी के चित्रकूट में दो तेंदुओं का रेस्क्यू के बाद पुनर्वास, रानीपुर टाइगर रिजर्व में छोड़े गए
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मुरादाबाद के ठाकुरद्वारा रेंज से रेस्क्यू कर लाए गए दो वयस्क नर तेंदुओं को चित्रकूट के रानीपुर टाइगर रिजर्व के मानिकपुर प्रथम वन क्षेत्र की कल्याणपुर बीट में सुरक्षित प्राकृतिक आवास में छोड़ा गया। रानीपुर टाइगर रिजर्व में बड़े चारागाह होने के कारण तेंदुओं की आहार श्रृंखला में शामिल शाकाहारी वन्यजीव पर्याप्त संख्या में मौजूद हैं।
वहीं, ठंड और गर्मी के मौसम में भी प्राकृतिक झरनों से पानी की उपलब्धता बनी रहती है।उप निदेशक रानीपुर टाइगर रिजर्व प्रत्यूष कटियार ने बताया कि दोनों तेंदुओं को मानिकपुर रेंज में छोड़ा गया है, जहां उन्हें पर्याप्त भोजन, पानी और सुरक्षित प्राकृतिक आवास मिलेगा। उन्होंने कहा कि तेंदुओं के रानीपुर में पुनर्वास से आबादी वाले क्षेत्रों में मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने में भी मदद मिलेगी।
रानीपुर रिजर्व का प्राकृतिक वातावरण तेंदुओं के लिए अनुकूल है, जहां वे सुरक्षित रहकर अपना जीवनचक्र पूरा कर सकेंगे। उन्होंने बताया कि वर्ष 2022 की गणना में रानीपुर रिजर्व में तेंदुओं की संख्या 50 से अधिक थी, जो वर्तमान में बढ़कर 100 से अधिक हो गई है।
💡 पृष्ठभूमि (Background)
यह खबर चित्रकूट के रानीपुर टाइगर रिजर्व में दो तेंदुओं के सफल रेस्क्यू और पुनर्वास के बारे में है। तेंदुओं को मुरादाबाद के ठाकुरद्वारा रेंज से बचाकर सुरक्षित प्राकृतिक आवास में छोड़ा गया। यह घटना वन्यजीव संरक्षण के प्रयासों और जैव विविधता के महत्व को दर्शाती है। तेंदुओं की पुनःस्थापना से क्षेत्र की पारिस्थितिक संतुलन में सुधार होगा और शाकाहारी वन्यजीवों की आबादी पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। आम जनता को यह संदेश मिलता है कि वन्यजीवों की सुरक्षा और संरक्षण से प्राकृतिक पर्यावरण और मानव जीवन दोनों को