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यूपीः गाजियाबाद के खोड़ा में मां-बेटी की संदिग्ध मौत, घर में एक ही फंदे पर मिले दोनों के शव

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 8 अक्टूबर 2026 👁️ 13 बार पढ़ा गया
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
यूपीः गाजियाबाद के खोड़ा में मां-बेटी की संदिग्ध मौत, घर में एक ही फंदे पर मिले दोनों के शव

गाजियाबाद के खोड़ा इलाके में शुक्रवार को एक महिला और उसकी छोटी बेटी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। दोनों के शव घर में एक ही फंदे पर लटके मिले। पुलिस के अनुसार, घटना की सूचना मिलने पर डायल 112 और खोड़ा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। मृतका की पहचान प्रीति के रूप में हुई है।

वह अपने पति और करीब तीन साल की बेटी के साथ शंकर विहार में किराए के मकान में रह रही थी। पति के अनुसार, वह पानी लेने बाहर गया था। कुछ देर बाद घर लौटने पर पत्नी और बेटी को फंदे पर लटका देखा। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। एसीपी इंदिरापुरम के मुताबिक, मौत के कारणों की जांच की जा रही है।

मृतका के पति को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। फिलहाल मौत की वजह स्पष्ट नहीं है। पुलिस घटनास्थल और परिजनों से मिली जानकारी के आधार पर जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

बाइट : सूर्यबली मौर्य, एसीपी इंदिरापुरम

💡 पृष्ठभूमि (Background)

गाजियाबाद के खोड़ा में एक महिला और उसकी छोटी बेटी की संदिग्ध मौत के मामले में दोनों के शव एक ही फंदे पर लटके मिले। यह घटना एक किराए के मकान में हुई, जहाँ महिला प्रीति अपने पति और लगभग तीन साल की बेटी के साथ रहती थी। इस तरह के अनैच्छिक या हत्या के मामलों की जांच हमेशा समाज में भय और अविश्वास पैदा करती है। ऐसे मामलों से परिवारों के बीच विश्वास टूट सकता है, और लोगों को अपने घरों की सुरक्षा के प्रति अधिक सतर्क रहने की आवश्यकता महसूस होती है।

🎙️ वॉयस ऑफ क्रांति का मत

गाजियाबाद के खोड़े में मां-बेटी की दुखद मौत ने हमें याद दिलाया कि परिवार में संघर्ष को हमेशा संवाद और कानूनी सहायता से सुलझाया जाना चाहिए। जब भावनाएँ उफान पर हों, तो शांति से बात करना, मध्यस्थता करना या मनोवैज्ञानिक मदद लेना ज़रूरी है। समाज को चाहिए कि हम एक-दूसरे के साथ सहानुभूति और सहयोग से पेश आएँ, ताकि ऐसी त्रासदियाँ फिर न हों।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।