अपराध

यूपीः गाजियाबाद में लापता डॉक्टर का कार में मिला शव

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 1 अक्टूबर 2026 👁️ 1 बार पढ़ा गया
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
यूपीः गाजियाबाद में लापता डॉक्टर का कार में मिला शव

गाजियाबाद के नंदग्राम थाना क्षेत्र से एक दिन पहले लापता हुए 30 वर्षीय डॉक्टर शिवम कार्तिकेय का शव मुरादनगर क्षेत्र में ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेसवे पर खड़ी कार से बरामद हुआ है। बुधवार दोपहर करीब ढाई बजे डायल-112 पर सूचना मिली कि एक्सप्रेसवे पर एक ब्रेजा कार काफी देर से खड़ी है और उसमें एक व्यक्ति का शव दिखाई दे रहा है।

सूचना पर मुरादनगर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कार से बाहर निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतक की पहचान राजनगर एक्सटेंशन की वीवीआईपी मंगल सोसाइटी निवासी डॉ. शिवम कार्तिकेय के रूप में हुई है। परिजनों ने 29 सितंबर को नंदग्राम थाने में उनकी गुमशुदगी दर्ज कराई थी। पुलिस के मुताबिक, कार से कुछ इंजेक्शन और दवाइयां मिली हैं।

प्रथमदृष्टया डॉक्टर के शरीर पर किसी तरह की चोट के निशान नहीं मिले हैं। पुलिस इंजेक्शन और दवाइयों को जांच के दायरे में लेकर मामले की पड़ताल कर रही है। पुलिस के अनुसार, मौत की वजह ओवरडोज होने की आशंका है, लेकिन इसकी पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही होगी। पुलिस परिजनों से भी जानकारी जुटा रही है।

बाइट - सुनील कुमार, एसीपी मुरादनगर गाजियाबाद

💡 पृष्ठभूमि (Background)

गाजियाबाद में 30 वर्षीय डॉक्टर शिवम कार्तिकेय के लापता होने के बाद उनका शव मुरादनगर के ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेसवे पर एक कार से बरामद हुआ। यह घटना एक सड़कों पर खड़ी कार में पाए गए शव की वजह से हुई, जिसे पुलिस ने डायल‑112 पर सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुँच कर निकाला। यह खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि यह एक चिकित्सा पेशेवर के रहस्यमय लापता होने और अचानक मृत्यु की कहानी को उजागर करती है, जो समाज में सुरक्षा और स्वास्थ्य पेशेवरों के प्रति चिंता बढ़ाती है। जनता के लिए इसका असर यह हो सकता है कि सड़क सुरक

🎙️ वॉयस ऑफ क्रांति का मत

गुज़रे हुए इस दुःखद घटना से हमें यह सिखने को मिलता है कि जीवन की अनमोलता को समझते हुए, किसी भी विवाद या असहमति को शांतिपूर्ण मार्ग से सुलझाना चाहिए। यदि कोई असंतोष या संघर्ष हो, तो संवाद, मध्यस्थता और कानूनी सलाह का सहारा लें, ताकि हिंसा की परछाई न पड़े। समाज में सहानुभूति और सहयोग की भावना को बढ़ावा दें, ताकि ऐसे त्रासदी दोबारा न हों।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।