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यूपीः GST काउंसिल की 57वीं बैठक... कारोबारियों को मिलेगी राहत

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 9 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
यूपीः GST काउंसिल की 57वीं बैठक... कारोबारियों को मिलेगी राहत

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GST काउंसिल की बैठक में क्या फैसले लिए गए ?

स्लग - GST काउंसिल की गुरुवार को दिल्ली में हुई 57वीं बैठक

कारोबारियों और टैक्सपेयर्स को राहत देने के लिए कई अहम फैसले लिए गए

टैक्स अधिकारियों से सीधे गिरफ्तार करने का अधिकार वापस लिया गया

अब सजा तय करने का अधिकार सिर्फ कोर्ट के पास

आपराधिक मुकदमा दर्ज करने की सीमा 5 गुना बढ़ा दी गई

₹5 करोड़ से कम की गड़बड़ी पर अब नहीं चलेगा कोर्ट केस

सामान और बिल सही होने पर खरीदार का ITC नहीं अटकेगा

सामान्य जुर्माने को 25,000 से घटाकर 10,000 किया गया

GST काउंसिल की बैठक में लिए गए फैसले की व्यापारियों ने की सराहना

विजुअल -

वीओ - GST काउंसिल की गुरुवार को हुई 57वीं बैठक में कारोबारियों और टैक्सपेयर्स को राहत देने के लिए कई अहम फैसले लिए गए.... GST नियमों के पालन को आसान बनाने, रिफंड प्रक्रिया में तेजी लाने और टैक्स से जुड़े कानूनी प्रावधानों को सरल बनाने पर जोर दिया गया है... रिफंड आवेदन पर कार्रवाई की समयसीमा 15 दिन से घटाकर 10 दिन करने का प्रस्ताव है.... केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में ऐसे कई बदलावों की सिफारिश की गई है, जिन्हें कारोबारियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है.... क्या हैं ये बड़े बदलाव, आइए जानते हैं....

ग्राफिक्स इन -

हेडर - GST नियमों में बड़ी राहत

  • GST काउंसिल ने टैक्स अधिकारियों से सीधे गिरफ्तार करने का अधिकार वापस ले लिया है
  • ( इसके साथ ही ) कानून में एक और बड़ा बदलाव किया गया है
  • पहले छोटे-मोटे टैक्स विवादों में भी कम से कम एक निश्चित सजा काटनी ही पड़ती थी
  • ( लेकिन ) सरकार ने इस नियम को खत्म कर दिया है
  • अब किस मामले में कितनी सजा होगी, जुर्माना लगेगा या जेल, इसका पूरा फैसला सिर्फ अदालत ही करेगी
  • व्यापारियों को राहत देते हुए आपराधिक मुकदमा दर्ज करने की सीमा 5 गुना बढ़ा दी गई है
  • पहले ₹1 करोड़ की टैक्स गड़बड़ी पर भी क्रिमिनल प्रॉसिक्यूशन शुरू किया जा सकता था, जिसे अब बढ़ाकर ₹5 करोड़ कर दिया गया है
  • (यानी ) ₹5 करोड़ तक के मामलों को अब आपराधिक कार्रवाई के बजाय पेनल्टी और सिविल प्रक्रिया के तहत ही निपटाया जाएगा
  • ( वहीं ) जिन मामलों में कोई विशेष जुर्माना तय नहीं था
  • वहां लगने वाली जनरल पेनल्टी को ₹25,000 से घटाकर ₹10,000 कर दिया गया है

ग्राफिक्स आउट -

वीओ - वहीं, बरेली के व्यापारियों का कहना है कि सरकार ने व्यापारी हित में जीएसटी मे जो बदलाव किए हैं वह सरहानीय है...

2 विन

बाइट - देवेंद्र जोशी, व्यापारी ( 0.15 - 0.34 )

बाइट - अनिल पाटिल, व्यापारी ( 0.12 - 0.44 )

वीओ - इसके अलावा, इनपुट टैक्स क्रेडिट यानी ITC क्लेम को लेकर ईमानदार कारोबारियों के हितों की रक्षा के लिए भी एक अहम कदम उठाया गया है... GST काउंसिल ने इस मुद्दे पर अधिकारियों की एक कमेटी गठित करने का फैसला किया है... यह कमेटी इस बात का अध्ययन करेगी कि अगर किसी खरीदार के पास सही बिल है, उसने सामान प्राप्त कर लिया है और सप्लायर को पूरा भुगतान भी कर दिया है, तो सप्लायर की धोखाधड़ी के कारण खरीदार को परेशानी न उठानी पड़े... यह कमेटी 3 महीने में अपनी रिपोर्ट देगी, जिसे अगली बैठक में रखा जाएगा।

💡 पृष्ठभूमि (Background)

GST काउंसिल की 57वीं बैठक में व्यापारियों को राहत देने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गये। मुख्यतः, टैक्स अधिकारियों को सीधे गिरफ्तार करने का अधिकार वापस लिया गया और सजा तय करने का अधिकार सिर्फ अदालत के पास रहेगा। इसके अलावा, आपराधिक मुकदमे की सीमा पाँच गुना बढ़ाई गई। यह कदम व्यापारिक माहौल को स्थिर करने और न्यायिक प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से है। व्यापारियों के लिए यह राहत अनिश्चितता को कम करेगी, जिससे वे अपने व्यवसाय पर अधिक ध्यान केंद्रित कर सकेंगे। सामान्य जनता को भी कर व्यवस्

🎙️ वॉयस ऑफ क्रांति का मत

GST काउंसिल की 57वीं बैठक से व्यापारियों को मिली राहत के साथ, यह स्पष्ट होता है कि कानूनी प्रक्रियाओं का पालन ही न्याय का आधार है। टैक्स अधिकारियों के सीधे गिरफ्तारी अधिकार को वापस लेने और सजा तय करने का अधिकार केवल अदालत को देने से, हम न्यायपालिका की स्वतंत्रता को मजबूत करते हैं। यह निर्णय हमें यह सिखाता है कि जब भी किसी विवाद का सामना हो, तो कानूनी मार्ग अपनाना सबसे सुरक्षित और न्यायसंगत है। इस दिशा में समाज को जागरूक करना हमारा कर्तव्य है।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।