यूपी-जापान इन्वेस्टमेंट मीट में निवेश पर जोर
अगस्त 19, नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश को जापान के साथ निवेश और औद्योगिक साझेदारी का नया केंद्र बनाने के उद्देश्य से दिल्ली में यूपी-जापान इन्वेस्टमेंट मीट-2026 का आयोजन किया गया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जापानी कंपनियों के प्रमुखों के साथ राउंड टेबल बैठक में निवेशकों को उत्तर प्रदेश में हर स्तर पर सरकार के सहयोग का भरोसा दिलाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश में 360 डिग्री बदलाव आया है और यही बदलाव प्रदेश को निवेश के लिए आकर्षक गंतव्य बना रहा है।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के पास युवा मैनपावर, बेहतर बुनियादी ढांचा, कनेक्टिविटी और उद्योगों की जरूरत के अनुरूप तैयार हो रहा कुशल कार्यबल है। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सरकार का लक्ष्य निवेश प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाना है।
केंद्रीय रेल, सूचना एवं प्रसारण तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने उत्तर प्रदेश में जापानी निवेश की संभावनाओं पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि जापान की तकनीक और उत्तर प्रदेश की औद्योगिक क्षमता के मेल से विनिर्माण, प्रौद्योगिकी और रोजगार के नए अवसर पैदा हो सकते हैं।
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने जापानी तकनीक का लाभ छोटे और सीमांत किसानों तक पहुंचाने की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि ऐसी मशीनरी और तकनीक विकसित करने की जरूरत है, जिससे कृषि लागत कम हो, पानी की बचत हो और किसानों की उत्पादकता तथा आय बढ़े।
बैठक में ग्रीन हाइड्रोजन, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, सेमीकंडक्टर, ऑटोमोबाइल, उन्नत विनिर्माण, नवीकरणीय ऊर्जा, डिजिटल बुनियादी ढांचे और कृषि तकनीक जैसे क्षेत्रों में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा हुई। कुबोटा और स्पार्क मिंडा जैसी कंपनियों ने उत्तर प्रदेश में अपने विस्तार और रोजगार सृजन की योजनाओं को लेकर भरोसा जताया।
बैठक में निवेश के साथ तकनीक, विनिर्माण, कृषि, कौशल विकास और रोजगार के क्षेत्रों में उत्तर प्रदेश और जापान के बीच दीर्घकालिक औद्योगिक साझेदारी को आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया।