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यूपी में कक्षा-2 की छात्रा की बैठे-बैठे मौत, VIDEO:स्कूल मैनेजर का दावा- गणेश विसर्जन जुलूस में DJ बज रहा था, तेज आवाज से जान गई

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 11 अक्टूबर 2026 👁️ 2 बार पढ़ा गया
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
यूपी में कक्षा-2 की छात्रा की बैठे-बैठे मौत, VIDEO:स्कूल मैनेजर का दावा- गणेश विसर्जन जुलूस में DJ बज रहा था, तेज आवाज से जान गई

बलरामपुर में क्लास में बैठे-बैठे कक्षा-2 की छात्रा की मौत हो गई। बच्ची अचानक अपनी सीट से खड़ी हुई और फिर गिर पड़ी। कुछ देर बाद वह दोबारा संभली, लेकिन फिर बेहोश होकर गिर गई। इसके बाद वह नहीं उठी। यह देखकर टीचरों ने बच्ची को अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस पूरी घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है।

वहीं, स्कूल मैनेजमेंट का कहना है कि जिस समय यह घटना हुई, उस समय स्कूल के पास गणेश विसर्जन का जुलूस निकल रहा था। उसमें फुल वॉल्यूम में डीजे बज रहा था। उसकी तेज आवाज से ही बच्ची की हालत बिगड़ी और उसकी मौत हो गई। घटना डिवाइन पब्लिक स्कूल में सोमवार सुबह 11 बजे की है। पहले 3 तस्वीरें देखिए अब जानिए पूरा मामला गांव गुलहरिया के रहने वाले सोनू तिवारी बलरामपुर में किराए पर रहते हैं।

उनकी इकलौती बेटी वैष्णवी तिवारी (7) सोमवार को डिवाइन पब्लिक स्कूल में पढ़ने गई थी। सुबह करीब 10:58 बजे वह क्लास में थी। वह हंस रही थी और दूसरे बच्चों से बातें भी कर रही थी। वैष्णवी पूरी तरह सामान्य दिख रही थी। सीसीटीवी फुटेज में दिख रहा है कि स्कूल के बगल से डीजे निकल रहा है। कुछ लोग डांस करते जा रहे हैं।

डीजे की आवाज सुनकर क्लास में बैठे बच्चे भी कुछ देर तक डांस करने लगते हैं। इस दौरान बच्ची भी सीट से उठती है, लेकिन फिर अपनी सीट पर बैठ जाती है। एक बार वह लड़खड़ाती है, फिर एक सेकेंड में ही संभलकर दोबारा बैठ जाती है। लेकिन, कुछ ही सेकेंड बाद वह फिर गिर पड़ी और इस बार उठ नहीं सकी। टीचर दौड़कर पहुंची, बच्ची को उठाया जब क्लास टीचर की नजर वैष्णवी पर पड़ी, तो वह दौड़कर उसके पास पहुंचीं।

उसे उठाकर सीट पर बैठाने की कोशिश की। लेकिन, वैष्णवी नहीं उठी। इसके बाद उन्होंने एक बच्चे को भेजकर स्कूल के स्टाफ को बुलाया। टीचरों ने मिलकर वैष्णवी को संभाला और होश में लाने की कोशिश की। करीब 2 मिनट तक वैष्णवी को होश में नहीं आने पर उसे जिला मेमोरियल अस्पताल ले जाया गया। इस दौरान स्कूल का स्टाफ और वैष्णवी के परिवारवाले भी साथ थे।

अस्पताल में डॉक्टरों ने उसकी नब्ज देखी, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। जिला मेमोरियल अस्पताल के वरिष्ठ डॉक्टर गिरधर चौहान ने बताया- बच्ची को अस्पताल की इमरजेंसी में मृत हालत में लाया गया था। इसलिए बिना पोस्टमॉर्टम बच्ची की मौत का सटीक कारण बताना संभव नहीं है। लेकिन, घरवाले बि

📡 स्रोत: Dainik Bhaskar

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