यूपी के काशी में ‘नमो बुक फेस्ट’ का आगाज
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वीओ - वाराणसी के रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर में दो दिवसीय ‘नमो बुक फेस्ट’ का आगाज हुआ है... प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 साल के सार्वजनिक और राजनीतिक जीवन को केंद्र में रखकर आयोजित इस फेस्ट में उनके जीवन, नेतृत्व, शासन और नीतियों पर लिखी गई 500 से ज्यादा पुस्तकों को प्रदर्शित किया गया है...
फेस्ट के पहले दिन पीएम मोदी के सार्वजनिक जीवन और 25 वर्षों के राजनीतिक सफर पर चर्चा हुई... कार्यक्रम में वरिष्ठ पत्रकार, लेखक, चिंतक और युवाओं से जुड़े कई प्रमुख चेहरे शामिल हुए... वहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी नमो बुक फेस्ट का अवलोकन किया... इस विशेष आयोजन का मुख्य उद्देश्य युवाओं को विकसित भारत के विजन से जोड़ना और देश की नीतियों पर संवाद स्थापित करना है...
आखिर क्या है इस भव्य आयोजन की रूपरेखा और किन खास विषयों पर हो रही है चर्चा... आइए जानते हैं -
ग्राफिक्स इन -
हेडर - वाराणसी में दो दिवसीय 'नमो बुक फेस्ट' का भव्य आयोजन!
(बता दें कि) दो दिवसीय नमो बुक फेस्ट का आयोजन 7 और 8 अक्टूबर को रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर में हो रहा है
(इस फेस्ट में) प्रधानमंत्री मोदी के जीवन और शासन मॉडल पर आधारित 500 से अधिक पुस्तकें प्रदर्शित की गई हैं
(वहीं) अलग-अलग भाषाओं और अलग-अलग लेखकों की पुस्तकों को 10 श्रेणियों में प्रदर्शित किया गया है
कार्यक्रम की शुरुआत वरिष्ठ पत्रकार अशोक श्रीवास्तव के विषय प्रवर्तन से हुई
(उन्होंने) 7 अक्टूबर 2001 से शुरू हुई प्रधानमंत्री मोदी की राजनीतिक यात्रा को सेवा और सुशासन की यात्रा बताया।
दरअसल) इस आयोजन का मकसद युवाओं के बीच पीएम मोदी की नीतियों और विकसित भारत के विजन पर संवाद करना है
(बता दें कि) नमो बुक फेस्ट का पहला संस्करण दिल्ली के अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित हुआ था
(इसी दौरान) ‘जेन-वी’ यानी विकसित भारत का विजन रखने वाली पीढ़ी की अवधारणा भी सामने रखी गई थी
(वहीं) इस दो दिवसीय पुस्तक महोत्सव का समापन 8 अक्टूबर को होगा
ग्राफिक्स आउट -
बाइट - अशोक श्रीवास्तव, वरिष्ठ पत्रकार
वीओ - बहरहाल, प्रधानमंत्री मोदी के 25 वर्षों के राजनीतिक सफर पर केंद्रित यह नमो बुक फेस्ट युवाओं के बीच एक बड़ा वैचारिक मंच बन गया है... नमो बुक फेस्ट में जहां प्रधानमंत्री मोदी के 25 वर्षों के राजनीतिक सफर पर मंथन हुआ... वहीं पुस्तकों के जरिए उनके नेतृत्व, नीतियों और शासन मॉडल को समझने का प्रयास भी किया गया... आयोजकों का फोकस खास तौर पर युवाओं पर है... ताकि नई पीढ़ी देश के विकास और विकसित भारत के विजन को लेकर संवाद करे...