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यूपी के लखनऊ में कैंसर से जंग होगी आसान... दवाओं के दामों पर लगेगी लगाम!

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 11 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
यूपी के लखनऊ में कैंसर से जंग होगी आसान... दवाओं के दामों पर लगेगी लगाम!

वीओ- कैंसर के इलाज को किफायती बनाने की दिशा में केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है... सरकार ने गैर-अनुसूचित कैंसर दवाओं की बिक्री और आपूर्ति पर ट्रेड मार्जिन को 30 प्रतिशत तक सीमित करने का फैसला किया है... सरकार का अनुमान है कि इस फैसले से दवाओं की कीमतों में 70 प्रतिशत तक की कमी आ सकती है और कैंसर मरीजों की सालाना करीब 2,500 करोड़ रुपये की बचत हो सकती है....

हालांकि, दवाओं की अंतिम सूची और कीमतों में वास्तविक कटौती की स्थिति अधिसूचना के बाद ही स्पष्ट होगी... सरकार के इस फैसले का कैंसर के इलाज और मरीजों पर क्या असर पड़ेगा, इसे लेकर डीडी यूपी ने लखनऊ स्थित कल्याण सिंह सुपर स्पेशियलिटी कैंसर संस्थान के विशेषज्ञों से बातचीत की...

2 विन

बाइट - डॉ. एमएलबी भट्ट, डायरेक्टर, कल्याण सिंह कैंसर संस्थान

बाइट - डॉ. भूपेंद्र सिंह, असिटेंट प्रोफेसर, कल्याण सिंह कैंसर संस्थान

वीओ - सरकार के इस फैसले के तहत कौन-कौन सी दवाएं शामिल होंगी, आइए जानते हैं....

हेडर- कैंसर से जंग होगी आसान, दवाओं के दामों पर लगेगी लगाम!

  • NPPA द्वारा गैर-अनुसूचित कैंसर दवाओं पर ट्रेड मार्जिन की सीमा तय की गई है
  • ब्रांडेड, जेनेरिक और देश में बनी और आयात होने वाली सभी दवाएं ((इस)) नए फैसले में शामिल होंगी
  • पेटेंट और बिना पेटेंट वाली कैंसर दवाओं को भी ((इसमें)) शामिल किया जाएगा
  • गैर-अनुसूचित कैंसर रोधी दवाओं की उपलब्धता बनी रहे
  • ((इसलिए)) कंपनियों को मौजूदा उत्पादन स्तर बनाए रखना होगा

ग्राफिक्स आउट-

वीओ - वहीं, सरकार के इस फैसले पर आम लोगों की क्या राय है, आइए जानते हैं....

बाइट - स्थानीय निवासी, लखनऊ

वीओ - बता दें कि देश में प्रति एक लाख आबादी पर करीब 60 लोग कैंसर से प्रभावित हैं... NPPA के बाजार संबंधी आंकड़ों के विश्लेषण में सामने आया है कि गैर-अनुसूचित कैंसर रोधी दवाओं पर औसतन करीब 170% तक ट्रेड मार्जिन देखा गया है... जबकि कुछ मामलों में यह ट्रेड मार्जिन 700% या उससे अधिक तक पहुंच जाता है... इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने दवाओं की सप्लाई चेन में ज्यादा मुनाफे पर रोक लगाने और कैंसर के इलाज को मरीजों के लिए अफॉर्डेबल बनाने के लिए यह कदम उठाया है।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।