राजनीति

यूपी के लखनऊ में SIR को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रेस वार्ता की

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 27 सितंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
यूपी के लखनऊ में SIR को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रेस वार्ता की

वीओ - SIR को लेकर सियासी घमासान लगातार तेज होता जा रहा है... एक तरफ विपक्ष जहां चुनाव प्रक्रिया और मुख्य निर्वाचन आयुक्त की भूमिका पर सवाल उठा रहा है... तो वहीं, अब यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष के आरोपों पर पलटवार किया है... लखनऊ में रविवार को हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में सीएम योगी ने SIR को लेकर विपक्षी दलों के रवैये को दुर्भाग्यपूर्ण बताया... साथ ही मुख्य निर्वाचन आयुक्त पर सवाल उठाने को गैर-जिम्मेदाराना हरकत करार दिया... सीएम योगी ने SIR को लेकर विपक्ष की ओर से फैलाए जा रहे भ्रम का भी जिक्र किया...

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बाइट - योगी आदित्यनाथ, सीएम, यूपी

वीओ - इसके अलावा सीएम योगी ने EVM को लेकर विपक्ष की ओर से लगाए जा रहे आरोपों पर भी निशाना साधा.... उन्होंने कहा कि अगर जनता किसी राजनीतिक दल को उसके कामकाज, भ्रष्टाचार या किसी अन्य वजह से खारिज करती है... तो इसके लिए चुनाव आयोग और EVM को जिम्मेदार ठहराना कितना उचित है, इस पर विपक्षी दलों को आत्मावलोकन करना चाहिए....

बाइट - योगी आदित्यनाथ, सीएम, यूपी

वीओ - सीएम योगी ने कहा कि तीनों चुनाव आयुक्त भी सामने आकर SIR और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर अपनी स्थिति स्पष्ट कर चुके हैं... चुनाव आयोग की ओर से SIR और मतदाताओं से जुड़े सवालों पर स्थिति साफ की जा चुकी है....इसके बावजूद आयोग को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है... उन्होंने कहा कि संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम करने की कोशिश नहीं होनी चाहिए... सीएम योगी ने विपक्षी दलों से अपने इस रवैये पर देश की जनता और संवैधानिक संस्थाओं से माफी मांगने की बात कही है।

💡 पृष्ठभूमि (Background)

SIR यानी ‘सुपर इलेक्शन रिज़र्वेशन’ पर चर्चा चल रही है, जिसे लेकर यूपी सरकार और विपक्ष में तीखी बहस हो रही है। यह विषय महत्वपूर्ण है क्योंकि यह चुनावी प्रक्रियाओं की पारदर्शिता और मुख्य निर्वाचन आयुक्त की भूमिका पर सवाल उठाता है, जिससे चुनावी व्यवस्था पर विश्वास प्रभावित हो सकता है। आम जनता पर इसका असर चुनाव में मतदान के अनुभव और भरोसे पर पड़ेगा; अगर प्रक्रिया स्पष्ट नहीं रहेगी तो मतदाताओं में असंतोष बढ़ सकता है, जिससे चुनावी भागीदारी और लोकतंत्र की मजबूती पर असर पड़ सकता है।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।