यूपी में 1 महीने में SO, SI और चौकी-इंचार्ज निलंबित:प्रतापगढ़ में चोरी की लकड़ी को थाने से छोड़ा, कन्नौज में ठेके से फ्री में दिलवाई शराब
ताज़ा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ेंJoin करें →प्रतापगढ़ के फतनपुर थाने में भ्रष्टाचार के आरोप में मुकदमा दर्ज होने के बाद फरार चल रहे पूर्व एसओ मनीष कुमार त्रिपाठी को इलाहाबाद हाईकोर्ट से भी राहत नहीं मिली। कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत अर्जी खारिज कर दी है। पूर्व एसओ पर चोरी की लकड़ी से लदे ट्रक को थाने लाने के बाद उसे छोड़ने और इसके बदले अवैध लाभ लेने का आरोप है।
मामले में तत्कालीन एसओ मनीष कुमार त्रिपाठी और एसआई संतोष कुमार वर्मा के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज है। मुकदमा दर्ज होने के बाद से दोनों फरार हैं। पुलिस उनकी तलाश कर रही है। ट्रक में लदी थी करीब 89 हजार रुपए की लकड़ी मामला 31 जुलाई का है। बिहार के पटना सिटी निवासी अमन कुमार ने अपने ट्रक में करीब 89 हजार रुपए की जलाने वाली लकड़ी लदवाई थी।
लकड़ी बिहार ले जाई जानी थी। आरोप है कि रास्ते में ट्रक चालक ने लकड़ी बेच दी और ट्रक खाली कर दिया। अमन कुमार को जब ट्रक में लकड़ी नहीं मिली तो उन्होंने उसकी तलाश शुरू की। फतनपुर क्षेत्र में एक ढाबे के पास उन्हें खाली ट्रक खड़ा मिला। इसके बाद उन्होंने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ट्रक को फतनपुर थाने ले आई।
ट्रक थाने लाने के बाद भी नहीं दर्ज किया केस आरोप है कि ट्रक थाने पहुंचने के बाद पुलिस ने तत्काल चोरी का मुकदमा दर्ज नहीं किया। बाद में ट्रक मालिक और चालक को बुलाकर ट्रक उनके हवाले कर दिया गया। पीड़ित अमन कुमार ने इसका विरोध किया तो उसे फटकारकर वहां से जाने के लिए कहा गया। अमन कुमार ने मामले की शिकायत प्रयागराज आईजी और एडीजी कार्यालय में की।
इसके बाद 3 अगस्त को ट्रक मालिक और चालक के खिलाफ लकड़ी चोरी से बेचने का मुकदमा दर्ज किया गया। एसपी ने एसओ और एसआई को लाइन हाजिर किया मामले की जानकारी प्रतापगढ़ एसपी दीपक भूकर को हुई तो उन्होंने तत्काल कार्रवाई की। 9 अगस्त को तत्कालीन एसओ मनीष कुमार त्रिपाठी और एसआई संतोष कुमार वर्मा को लापरवाही बरतने और मुकदमा दर्ज करने में देरी के आरोप में लाइन हाजिर कर दिया गया।
मामले की जांच सीओ रानीगंज प्रशांत राज हुड्डा को सौंपी गई। सीओ की जांच के बाद फतनपुर थाने की जीडी मुंशी गीता शर्मा की तहरीर पर तत्कालीन एसओ मनीष कुमार त्रिपाठी और एसआई संतोष कुमार वर्मा के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। महिला मुंशी ने जांच में बताई पूरी घटना गीता शर्मा के मुताबिक, 1 अगस्त को सुबह 9 बजे से रात 9 बजे तक उनकी ड्यूटी थाने की जीडी पर थी।
इस दौरान थाने के बाहर एक ट्रक लाकर खड़ा किया गया था। कुछ लोग उसकी बैटरी निकालकर थाने के अंदर ले आए थे। उनका कहना है कि इस संबंध में तत्कालीन एसओ या एसआई ने जीडी में कोई सूचना दर्ज करने को नहीं कहा। बाद में उन्हें पता चला कि पीआरबी का सूचना पत्रक थाने लाया गया था। जांच के दौरान उनके संज्ञान में आया कि एसआई संतोष वर्मा और एसओ मनीष त्रिपाठी ने कथित तौर पर लाभ लेकर ट्रक छोड़ दिया था।
अब हाईकोर्ट से भी नहीं मिली राहत मामले में दोनों पुलिसकर्मियों के खिलाफ केस दर्ज होने के बाद से वे फरार चल रहे हैं। गिरफ्तारी से बचने के लिए पूर्व एसओ मनीष त्रिपाठी ने हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत की अर्जी दाखिल की थी। सुनवाई के बाद कोर्ट ने इसे खारिज कर दिया। सीओ रानीगंज प्रशांत राज हुड्डा ने बताया कि दोनों पुलिसकर्मियों की तलाश की जा रही है।
जल्द ही उनके संभावित ठिकानों पर नोटिस चस्पा कर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। कन्नौज में भी मुफ्त शराब मांगने के आरोप में चौकी इंचार्ज निलंबित कन्नौज के सलेमपुर गांव में एक चौकी इंचार्ज को मुफ्त शराब मांगने और ठेके पर गाली-गलौज करने के आरोप में निलंबित कर दिया गया। एसपी ने सीओ सिटी की जांच रिपोर्ट के आधार पर यह कार्रवाई की।
हालांकि, चौकी इंचार्ज के खिलाफ विभागीय जांच अभी जारी रहेगी। यह मामला तालग्राम थाना क्षेत्र की सलेमपुर चौकी का है। यहां तैनात दरोगा अवनीश कुमार ने 4 सितंबर को एक युवक को शराब ठेके पर मुफ्त दारू लेने भेजा था। जब सेल्समैन ने मुफ्त शराब देने से मना कर दिया, तो रात करीब पौने 10 बजे चौकी इंचार्ज खुद टी-शर्ट और हाफ पैंट पहनकर ठेके पर पहुंच गए।
दो युवकों को शराब के 7 क्वार्टर मुफ्त दिलवाए उन्होंने सेल्समैन को गाली-गलौज की और अपने साथ आए दो युवकों को शराब के 7 क्वार्टर मुफ्त दिलवा दिए। इसके बाद वे उन्हीं युवकों के साथ वापस लौट गए। यह पूरी घटना ठेके पर लगे सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गई। इस घटना के बाद ठेका संचालक के बेटे सुदीप पटेल ने चौकी इंचार्ज अवनीश कुमार से गाली-गलौज का कारण पूछा।
इस पर चौकी इंचार्ज ने फोन पर सुदीप से भी अभद्रता की। सुदीप ने दरोगा के ऑडियो और वीडियो वायरल कर दिए। उन्होंने 5 सितंबर को अपर पुलिस अधीक्षक अजय कुमार से मामले की शिकायत की। मामले की जांच सीओ सिटी शिल्पा वर्मा को सौंपी गई। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद सोमवार देर शाम एसपी विनोद कुमार ने चौकी इंचार्ज अवनीश कुमार को तुरंत निलंबित कर दिया।
इस मामले में चौकी इंचार्ज अवनीश कुमार का कहना है कि शराब ठेका देर रात तक खुला रहता था।
📡 स्रोत: NewsData.io
🎙️ वॉयस ऑफ क्रांति का मत
कानून और न्याय के मार्ग पर चलना समाज की शांति का मूल आधार है। जब भ्रष्ट अधिकारी अपनी शक्ति का दुरुपयोग करते हैं, तो हमें शांतिपूर्ण, कानूनी माध्यमों से जवाबदेही मांगनी चाहिए। पीड़ितों के प्रति सहानुभूति और सच्ची सहायताएँ दिखाने से ही समाज में विश्वास लौटेगा। हमें स्वयं भी पारदर्शिता और जवाबदेही का उदाहरण बनकर दिखाना चाहिए, ताकि भ्रष्टाचार के लिए कोई जगह न रहे।