अपराध

यूपीः मथुरा में नकली नोट देकर ठगी करने वाले गिरोह का खुलासा, तीन आरोपी गिरफ्तार

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 3 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
यूपीः मथुरा में नकली नोट देकर ठगी करने वाले गिरोह का खुलासा, तीन आरोपी गिरफ्तार

मथुरा के रिफाइनरी थाना पुलिस ने एक लाख रुपये के बदले पांच से सात लाख रुपये के नकली नोट देने का झांसा देकर ठगी करने वाले गिरोह का खुलासा किया है। पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, मामले में खुद को पीड़ित बताने वाले शिकायतकर्ता की कहानी भी जांच में संदिग्ध मिली।

गंगानगर, ऋषिकेश निवासी अनिरुद्ध गुप्ता ने 29 सितंबर को चार किलो चांदी और एक लाख रुपये की ठगी की शिकायत की थी। जांच में पुलिस को उसके बयानों में विरोधाभास मिले। जिस जगह चांदी की जांच कराने की बात कही गई थी, वहां नमकीन की दुकान मिली। सीसीटीवी में भी चांदी लाने का कोई साक्ष्य नहीं मिला।

उसकी कार से मनोरंजन बैंक के बच्चों के नोट भी बरामद हुए। पुलिस के अनुसार, आरोपी व्हाट्सऐप ग्रुप के जरिए ग्राहकों से संपर्क करते थे और असली नोट दिखाकर भरोसा जीतते थे। इसके बाद बच्चों के नोटों को असली नोटों की तरह पैक कर देते थे। सीसीटीवी और संदिग्ध कार के आधार पर पुलिस ने एक अक्टूबर की रात तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया।

पुलिस ने शिकायतकर्ता के खिलाफ भी गलत सूचना देने के आरोप में कार्रवाई की है।

बाइट – श्वेता यादव, पुलिस अधीक्षक क्राइम मथुरा

💡 पृष्ठभूमि (Background)

यह खबर मथुरा में एक नकली नोट गिरोह के खुलासे के बारे में है, जहाँ पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया। यह घटना दिखाती है कि कैसे गिरोह एक लाख रुपये के बदले पाँच से सात लाख रुपये के नकली नोट देकर लोगों को धोखा देते हैं। ऐसी धोखाधड़ी से लोगों के पैसे और भरोसे पर गहरा असर पड़ता है, खासकर ग्रामीण और छोटे व्यापारियों पर। जनता को सतर्क रहने की जरूरत है, क्योंकि नकली नोटों का प्रसार बढ़ रहा है और इससे वित्तीय नुकसान और सामाजिक विश्वास में कमी आ सकती है।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।