यूपीः मथुरा में पराली जलाने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई, FIR के साथ जुर्माना वसूली के निर्देश
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मथुरा में पराली प्रबंधन और फसल अवशेषों के उचित निस्तारण को लेकर जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह की अध्यक्षता में बैठक आयोजित हुई। बैठक में पराली जलाने की घटनाओं पर रोक लगाने, किसानों को जागरूक करने और फसल अवशेषों के वैज्ञानिक प्रबंधन की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पराली जलाने वाले किसानों को चिह्नित कर उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
साथ ही एफआईआर दर्ज कराने, जुर्माना लगाने और उसकी वसूली सुनिश्चित करने को कहा। डीएम ने उप जिलाधिकारियों और कृषि विभाग के अधिकारियों को नियमित निगरानी करने तथा ग्राम स्तर पर गठित टीमों को सक्रिय रखने के निर्देश दिए। बैठक में अधिकारियों ने बताया कि छाता तहसील में पराली जलाने की सबसे अधिक घटनाएं सामने आई हैं।
संबंधित किसानों को नोटिस जारी किए गए हैं। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि नोटिस के साथ जुर्माना वसूलने की कार्रवाई भी की जाए। उन्होंने किसानों से अपील की कि फसल अवशेष जलाने के बजाय कृषि यंत्रों और वैज्ञानिक तरीकों से उनका निस्तारण करें। डीएम ने स्पष्ट किया कि पराली जलाने की घटनाओं को रोकने में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बाइट - चन्द्र प्रकाश सिंह, जिलाधिकारी मथुरा
🎙️ वॉयस ऑफ क्रांति का मत
पराली जलाने से न केवल पर्यावरण को नुकसान पहुँचता है, बल्कि किसानों की मिट्टी की उर्वरता भी घटती है। हमें वैज्ञानिक निस्तारण तरीकों को अपनाकर फसल अवशेषों का पुनर्चक्रण करना चाहिए। यदि कोई किसान पराली जलाना जारी रखे तो उसे सूचित करके कानूनी कार्रवाई की जा सकती है, परंतु पहले संवाद और प्रशिक्षण से ही समस्या का समाधान संभव है। हर किसान को यह याद दिलाना चाहिए कि स्वच्छता और सतत कृषि ही समृद्ध भविष्य की कुंजी है।