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यूपी के मथुरा में सपा नेता राजन रिजवी को मथुरा पुलिस ने अलीगढ़ से किया गिरफ्तार

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 29 सितंबर 2026 👁️ 1 बार पढ़ा गया
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
यूपी के मथुरा में सपा नेता राजन रिजवी को मथुरा पुलिस ने अलीगढ़ से किया गिरफ्तार

वीओ – मथुरा में महिला बैंककर्मी को आपत्तिजनक मैसेज भेज कर की गई बदसलूकी... घर की रेकी... निजी जानकारियां जुटाना और महिला को धमकाना... सपा नेता राजन रिजवी को अब भारी पड़ गया है... FIR दर्ज किए जाने के बाद करीब 12 दिनों से फरार चल रहे... राजन रिजवी को मथुरा पुलिस ने अलीगढ़ में रिश्तेदार के घर से गिरफ्तार किया है... दरअसल सपा नेता का एक कथित वॉट्सऐप मैसेज सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था... जो उसने महिला बैंककर्मी को किया था... मामले में महिला बैंककर्मी की शिकायत के बाद सपा नेता के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था...

ग्राफिक्स इन – IAS बनवाने का लालच देने वाला सपा नेता गिरफ्तार! - हेडर

  • (आरोप है कि) सपा नेता डॉ. राजन रिजवी, महिला बैंक कर्मी को लगातार परेशान कर रहा था
  • राजन रिजवी महिला का पीछा करता था, घर की रेकी भी कर रहा था
  • बैंककर्मी के प्राइवेट नंबर पर आपत्तिजनक मैसेज भी भेज रहा था
  • (वायरल चैट के मुताबिक) सपा नेता राजन रिजवी ने महिला के काम करने के तरीके की व्हाट्सएप पर जमकर तीरफ की थी
  • सपा नेता राजन रिजवी ने महिला बैंककर्मी को मुख्यमंत्री कोटे से IAS बनवाने का कथित प्रलोभन भी दिया था
  • (सपा नेता ने कहा था कि) अगर सपा सरकार बनेगी तो उसे मुख्यमंत्री कोटे से IAS बनवा देंगे
  • परेशान होकर बैंककर्मी ने 16 सितंबर को मथुरा कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया था
  • (वहीं) मामले को तूल पकड़ता देख पार्टी ने राजन रिजवी को पद से कार्यमुक्त कर दिया था

ग्राफिक्स आउट -

बाइट – आशना चौधरी, ASP, मथुरा

वीओ – हालांकि सपा नेता ने अपनी गिरफ्तारी पर कहा है कि वह एक अधिवक्ता हैं... और पूरे मामले पर अदालत में अपना पक्ष रखेंगे... एसे में अब जांच के बाद ही यह साफ होगा कि महिला द्वारा लगाए गए आरोपों कितने सच हैं... और वायरल चैट समेत पूरे मामले के पीछे की हकीकत क्या है।

💡 पृष्ठभूमि (Background)

मथुरा में सपा नेता राजन रिजवी पर महिला बैंककर्मी को अपमानजनक मैसेज भेजने का आरोप है, जिसके बाद FIR दर्ज हुआ और 12 दिन की फरारी के बाद उन्हें अलीगढ़ में गिरफ्तार किया गया। यह घटना राजनीतिक दल के नेता के निजी व्यवहार पर सवाल उठाती है। राजन रिजवी की गिरफ्तारी से राजनीतिक क्षेत्र में अनुशासन और जवाबदेही पर चर्चा बढ़ रही है। आम जनता के लिए यह एक चेतावनी है कि सत्ता में बैठे लोगों को भी कानून के आगे बराबर खड़ा होना चाहिए, और इससे समाज में विश्वास और शांति बनी रहेगी।

🎙️ वॉयस ऑफ क्रांति का मत

हर किसी के पास अपनी गरिमा और अधिकारों की रक्षा का अधिकार है। जब किसी को अपमान या धमकी मिलती है, तो शांतिपूर्वक कानूनी मार्ग अपनाना सबसे अच्छा विकल्प है—पुलिस में रिपोर्ट, अदालत में शिकायत, और सामाजिक समर्थन। समाज को ऐसे घटनाओं पर सहानुभूति दिखानी चाहिए, पीड़ित की मदद करनी चाहिए, और सभी को यह याद दिलाना चाहिए कि सम्मान और सहनशीलता ही समाज की नींव है।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।