यूपी में मिठाइयों को लेकर 15 अक्टूबर से नया नियम
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वीओ - त्योहारों का सीजन शुरु होने वाला है... ऐसे में सभी लोग बाजार से मिठाइयां खरीदते हैं... लेकिन दुकान पर मिलने वाली खुली मिठाइयां कितने दिन पुरानी हैं, या खाने योग्य हैं या नहीं, यह सवाल हर किसी के मन में रहता था... आम जनता की सेहत से खिलवाड़ करने वाले ऐसे दुकानदारों पर लगाम लगाने के लिए उत्तर प्रदेश के खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन यानी FSDA विभाग ने एक ऐतिहासिक फैसला लिया है...
अब राज्य में सिर्फ पैकेट बंद ही नहीं, बल्कि दुकानों पर खुले में बिकने वाली हर मिठाई पर उसकी 'यूज बाई डेट' यानी उपयोग की अंतिम तिथि लिखना अनिवार्य कर दिया गया है... दरअसल, FSDA विभाग की आयुक्त डॉ. रोशन जैकब की ओर से जारी आदेश के मुताबिक, अब आगामी 15 अक्टूबर से राज्य की सभी मिठाई की दुकानों पर खुली बिकने वाली मिठाइयों के पास उनकी 'यूज बाई डेट' यानी उपयोग की अंतिम तिथि स्पष्ट रूप से लिखनी होगी...
ग्राफिक्स इन -
हेडर - त्योहारी सीजन से पहले FSDA विभाग सख्त!
( नए नियमों के तहत ) अब तक सिर्फ पैकेट बंद डिब्बों वाली मिठाइयों पर एक्सपायरी डेट अनिवार्य थी
लेकिन) अब 15 अक्टूबर से दुकानों पर ट्रे या काउंटर पर खुली बिकने वाली मिठाइयों पर भी 'यूज बाई डेट' लिखनी होगी
खोया, छेना और दूध से बनी नाजुक मिठाइयों की शेल्फ लाइफ महज 1 से 2 दिन की होती है
जबकि) अन्य मिठाइयां 15 से 30 दिन तक सुरक्षित रह सकती हैं
बिना 'यूज बाई डेट' के खुली मिठाइयां बेचने वाले दुकानदारों पर खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई होगी
ग्राफिक्स आउट -
वीओ - मिठाई के साथ ही पैकेट वाले दूध के इस्तेमाल को लेकर भी सरकार ने अहम कदम उठाया है... दरअसल, आज कल लगभग 80 फीसदी लोग पैकेट वाले दूध का इस्तेमाल करते हैं...लेकिन क्या पता है कि कुछ दूध कंपनियों में Ethylene glycol और Di ethylene glycol का इस्तेमाल कूलेंट के तौर पर होता था... इसलिए FSDA विभाग ने यूपी में दूध और दूध उत्पादों की प्रोसेसिंग यूनिट्स में एथिलीन ग्लाइकोल और डाई एथिलीन ग्लाइकोल के इस्तेमाल पर रोक लगा दी है...
ग्राफिक्स इन -
हेडर - दूध प्रोसेसिंग यूनिट्स पर कड़ा प्रतिबंध
(बता दें कि) दूध और दुग्ध उत्पादों की प्रोसेसिंग यूनिट्स को लेकर भी कड़े निर्देश जारी किए गए हैं
जांच में सामने आया था कि) कि कुछ दूध प्रोसेसिंग यूनिट्स में कूलेंट के तौर पर इन रसायनों का इस्तेमाल किया जा रहा है
यदि) प्रोसेसिंग उपकरणों में किसी प्रकार का लीकेज हो जाए,
तो) ये जहरीले रसायन दूध में मिलकर इंसानी शरीर के लिए बेहद गंभीर स्वास्थ्य जोखिम पैदा कर सकते हैं
इसलिए) विभाग ने इन खतरनाक रसायनों के इस्तेमाल पर पूरी तरह रोक लगा दी है
विभाग ने स्पष्ट किया है कि) इनके स्थान पर सुरक्षित विकल्प के तौर पर प्रोपिलीन ग्लाइकोल का इस्तेमाल किया जा सकता है
जिसका उपयोग पहले से ही कई आधुनिक डेयरी इकाइयों में किया जा रहा है
ग्राफिक्स आउट -
वीओ - सरकार के इन सख्त फैसलों से मिलावटखोरों में हड़कंप मच गया है... वहीं, खाद्य विभाग की इस पहल से आम जनता को शुद्ध और सुरक्षित खाद्य पदार्थ मिल सकेंगे, जिससे त्योहारी सीजन में लोगों की सेहत पूरी तरह सुरक्षित रहेगी।
💡 पृष्ठभूमि (Background)
यह खबर उत्तर प्रदेश में मिठाइयों की खुली बिक्री पर नया नियम लागू होने के बारे में है। FSDA विभाग ने तय किया है कि मिठाइयाँ केवल 7 दिन से अधिक पुरानी नहीं हो सकतीं और उन्हें साफ-सुथरे कंटेनर में बेचना अनिवार्य होगा। यह कदम त्योहारों के दौरान खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिये लिया गया है। नियम से दुकानदारों को अपनी प्रक्रियाएँ सुधारनी पड़ेगी और उपभोक्ताओं को ताज़ा, स्वच्छ मिठाइयाँ मिलेंगी। इससे खाद्यजनित रोगों का खतरा घटेगा और लोगों का स्वास्थ्य बेहतर होगा।