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यूपी के प्रतापगढ़ के आंवले का 'मन की बात' में पीएम मोदी ने किया जिक्र

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 28 सितंबर 2026 👁️ 1 बार पढ़ा गया
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
यूपी के  प्रतापगढ़ के आंवले का    'मन की बात' में पीएम मोदी ने किया जिक्र

वीओ - प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अपने लोकप्रिय मासिक रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' के 138वें एपिसोड में देशवासियों को संबोधित करते हुए, इस बार के एपिसोड में उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ के आंवले का भी जिक्र किया... और बताया कि कैसे पीढ़ियों से किसानों की पहचान बना एक पारंपरिक फल आत्मनिर्भर भारत और वोकल फॉर लोकल अभियान को मजबूती दे रहा है...

बाइट - पीएम मोदी -

वीओ - पीएम मोदी ने अपने संबोधन में ODOP यानी 'वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट' योजना के तहत स्थानीय स्तर पर हो रहे बेहतरीन कार्यों को भी रेखांकित किया... इसके साथ ही उन्होंने अपने उद्बोधन में आंवला के गुणों का बखान करते हुए इसे रोजगार की दिशा में सहायक बताया...

बाइट - पीएम मोदी -

वीओ - प्रधानमंत्री मोदी ने विशेष रूप से अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम में प्रतापगढ़ की देवगढ़ कमासिन गांव के सावित्री फुले स्वयं सहायता समूह की उन महिलाओं के प्रयासों की सराहना की, जो आंवले से अलग-अलग उत्पाद तैयार कर अपनी आर्थिक स्थिति बदल रही हैं... उन्होंने बताया कि कैसे आंवला प्रोसेसिंग से जुड़कर ये महिलाएं आत्मनिर्भरता की नई मिसाल पेश कर रही हैं...

बाइट - पीएम मोदी -

वीओ - प्रतापगढ़ का आंवला अब सिर्फ एक पारंपरिक फल की पहचान तक सीमित नहीं है... बल्कि इसके जरिए किसान, महिला स्वयं सहायता समूह और स्थानीय उद्यम नए बाजारों से जुड़ रहे हैं... प्रधानमंत्री मोदी ने भी 'मन की बात' में इसी स्थानीय पहचान को देश और दुनिया तक पहुंचाने पर जोर दिया... ताकि गांव और छोटे शहरों के उत्पादों को बाजार मिले और 'वोकल फॉर लोकल' के साथ आत्मनिर्भरता के प्रयासों को भी गति मिल सके...

💡 पृष्ठभूमि (Background)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 138वें एपिसोड में उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ के आंवले का उल्लेख किया। यह विषय आंवले के पारंपरिक महत्व और स्वदेशी उत्पादन को बढ़ावा देने के प्रयासों पर केंद्रित है। खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि यह दिखाती है कि राष्ट्रीय नेता छोटे-छोटे कृषि उत्पादों को भी मान्यता देते हैं, जिससे आत्मनिर्भर भारत की दिशा में कदम बढ़ता है। आम जनता पर इसका असर सकारात्मक होगा: किसानों को प्रोत्साहन मिलेगा, स्थानीय बाज़ारों में मांग बढ़ेगी, और लोगों को अपने क

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।