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यूपी के प्रयागराज में स्थित है मां अलोप शंकरी का प्रसिद्ध शक्तिपीठ

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 13 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
यूपी के प्रयागराज में स्थित है मां अलोप शंकरी का प्रसिद्ध शक्तिपीठ

वीओ - उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में स्थित है मां अलोप शंकरी का प्रसिद्ध शक्तिपीठ... जो अपनी अनूठी धार्मिक परंपरा के लिए जाना जाता है... भारत के 51 शक्तिपीठों में शामिल यह धाम प्रयागराज के अलोपीबाग में स्थित है... यहां माता की कोई पारंपरिक मूर्ति नहीं है... बल्कि पवित्र पालने और उसके नीचे स्थित कुंड की पूजा की जाती है...

श्रद्धालुओं की मान्यता है कि मां इसी दिव्य स्वरूप में विराजमान हैं... और अपने भक्तों की मनोकामनाएं पूरी करती हैं... ( MUSIC ) .... नवरात्रि के पावन अवसर पर यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु मां के दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं... भक्त पालने में विराजमान मां के दर्शन कर परिवार की सुख-समृद्धि और मंगल की कामना करते हैं...

बाइट - महंत यमुनापुरी जी महाराज, मंदिर प्रबंधक, महानिर्वाणी अखाड़ा

वीओ - पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, जब भगवान शिव माता सती के पार्थिव शरीर को लेकर जा रहे थे... तब इस स्थान पर उनके दाहिने हाथ का पंजा या कलाई गिरकर अदृश्य हो गई थी... इसी मान्यता के चलते इस धाम का नाम अलोप शंकरी पड़ा... मंदिर में स्थित कुंड को श्रद्धालु पवित्र मानते हैं... मान्यता है कि मनोकामना पूरी होने पर भक्त कुंड में दूध, दही और मेवे अर्पित करते हैं... वहीं, पवित्र पालने पर रक्षा सूत्र बांधकर अपने परिवार की खुशहाली और मंगल की कामना करते हैं... इस शक्तिपीठ में लोगों की अटूट आस्था है... यही वजह है कि यहां सालभर धार्मिक अनुष्ठानों और पूजा-पाठ का सिलसिला जारी रहता है...

2 विन बाइट -

बाइट 1 - श्रद्धालु बाइट 2 - श्रद्धालु

वीओ - अलोप शंकरी शक्तिपीठ में नवदंपती भी वैवाहिक जीवन में सुख-शांति की कामना लेकर पहुंचते हैं... वहीं, बच्चों के मुंडन संस्कार के लिए भी परिवार यहां आते हैं... मंदिर परिसर में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों के साथ काल भैरव, मां शीतला, भगवान गणेश, श्री ललितेश्वर महादेव और भगवान हनुमान के मंदिर भी श्रद्धालुओं की आस्था के प्रमुख केंद्र हैं... वहीं, नवरात्रि में यहां आस्था का रंग और भी गहरा हो जाता है...

💡 पृष्ठभूमि (Background)

यह खबर मां अलोप शंकरी के शक्तिपीठ के बारे में है, जो प्रयागराज के अलोपीबाग में स्थित है और भारत के 51 शक्तिपीठों में शामिल है। यह धाम अपनी अनूठी धार्मिक परंपरा के लिए प्रसिद्ध है, जहाँ माता की पारंपरिक मूर्ति नहीं बल्कि पवित्र पालना और कुंड की पूजा की जाती है। यह खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि यह भारत के आध्यात्मिक परिदृश्य में एक अनोखे धार्मिक स्थल की पहचान को उजागर करती है, जो पारंपरिक और आधुनिक श्रद्धा के बीच एक सेतु का काम करता है। इससे आम जनता पर आध्यात्मिक जागरूकता और पर्यटन में वृद्धि की संभाव

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।