यूपी ट्रेड शो-2026 का शुभारंभ, लोकल उत्पादों को मिलेगी ग्लोबल पहचान
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यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो के चौथे संस्करण का गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया उद्घाटन अमित शाह ने कहा कि 12 साल पहले मोदी ने ‘मेक इन इंडिया’ का संकल्प लिया, अब यूपी 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था का लक्ष्य हासिल करेगा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सोने की चिड़िया’ भारत में हुनरमंदों को नहीं मिला मंच, यूपी ने लोकल उत्पादों को ग्लोबल पहचान दी हैगौतम बुद्ध नगर।
उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो-2026 के चौथे संस्करण का आज ग्रेटर नोएडा स्थित इंडिया एक्सपो मार्ट में शुभारंभ हुआ। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ट्रेड शो का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, औद्योगिक विकास एवं निर्यात प्रोत्साहन मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री भूपेंद्र चौधरी और मंत्री राकेश सचान सहित प्रदेश सरकार के कई मंत्री मौजूद रहे।उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय की 110वीं जयंती के अवसर पर आयोजित यह कार्यक्रम विशेष है।
उन्होंने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने अंत्योदय और एकात्म मानववाद पर आधारित आर्थिक नीति का विचार देश के सामने रखा था। आज इन्हीं विचारों को आगे बढ़ाते हुए भारत को विकसित और आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास किया जा रहा है। अमित शाह ने कहा कि करीब 12 वर्ष पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘मेक इन इंडिया’ का आह्वान किया था।
इसका उद्देश्य भारत को मैन्युफैक्चरिंग और नवाचार का केंद्र बनाना था। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था, राजनीतिक स्थिरता, बेहतर कनेक्टिविटी और सुविधाओं के कारण निवेश का वातावरण बदला है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष ट्रेड शो में दो हजार चार सौ से अधिक प्रदर्शक और 85 से ज्यादा देशों से 550 से अधिक अंतरराष्ट्रीय खरीदार शामिल हो रहे हैं।
छह देश पार्टनर कंट्री के रूप में हिस्सा ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य में सभी को योगदान देना चाहिए।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’ योजना के माध्यम से उत्तर प्रदेश के स्थानीय उत्पादों और पारंपरिक हुनर को नई पहचान मिली है।
एक्सप्रेसवे और बेहतर कनेक्टिविटी के जरिए प्रदेश के उत्पादों को देश और दुनिया के बाजार तक पहुंचाया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने बताया कि इस वर्ष 36 हजार वर्गमीटर क्षेत्र में 2400 से अधिक प्रदर्शक हिस्सा ले रहे हैं और 90 देशों के 500 से ज्यादा खरीदार ट्रेड शो में पहुंच रहे हैं। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के 79 उत्पादों को जीआई टैग मिल चुका है।
सरकार का प्रयास स्थानीय उत्पादों, कारीगरों और उद्यमियों को वैश्विक बाजार से जोड़ना है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारत कभी दुनिया में ‘सोने की चिड़िया’ के रूप में जाना जाता था। लेकिन देश की शक्तियां विभाजित हुईं तो भारत गुलाम हुआ। उस कालखंड में सिर्फ देश को ही गुलामी नहीं झेलनी पड़ी, बल्कि यहां के हस्तशिल्प, बुनकरों और पारंपरिक हुनर को भी प्रताड़ित किया गया।
सीएम ने कहा कि आजादी के बाद भी लंबे समय तक इन हुनरमंदों को अपेक्षित मंच नहीं मिला। इससे नई पीढ़ी अपने पारंपरिक व्यवसाय और जड़ों से दूर होने लगी। उत्तर प्रदेश में क्षमता की कोई कमी नहीं थी, जरूरत इस क्षमता को पहचानने की थी। योगी ने कहा कि प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने के बाद पारंपरिक उद्यमों को ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’ के जरिए नई पहचान दी गई।
डबल इंजन सरकार ने स्थानीय उत्पादों और हुनर की क्षमता को पहचाना और उन्हें वैश्विक बाजार से जोड़ने का काम किया।