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युवाओं के कौशल विकास और रोजगार के अवसरों को मिलेगा विस्तार, प्लेसमेंट और टिकाऊ आजीविका पर फोकस

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 26 सितंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
युवाओं के कौशल विकास और रोजगार के अवसरों को मिलेगा विस्तार, प्लेसमेंट और टिकाऊ आजीविका पर फोकस

24 सितम्बर 2026, देहरादून: प्रदेश में युवाओं के कौशल विकास और रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए कौशल विकास एवं सेवायोजन विभाग और एम-थ्री-एम फाउंडेशन के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर हुए हैं। देहरादून में हुए इस समझौते का उद्देश्य युवाओं को उद्योग की जरूरतों के अनुरूप प्रशिक्षण देकर उनकी रोजगार क्षमता बढ़ाना है।

समझौते के तहत शुरुआती चरण में देहरादून, हल्द्वानी, काशीपुर और पिथौरागढ़ में प्रशिक्षण केंद्रों को प्राथमिकता दी गई है। जरूरत और स्थानीय परिस्थितियों के आधार पर अल्मोड़ा और बड़कोट को भी अतिरिक्त प्रशिक्षण केंद्र के रूप में शामिल किया जा सकता है।

प्रशिक्षण केंद्रों पर स्थानीय उद्योगों की मांग और रोजगार की संभावनाओं के अनुसार कम से कम दो पाठ्यक्रम संचालित किए जाएंगे। इनमें इलेक्ट्रिक वाहन तकनीशियन, ऑटो इलेक्ट्रिकल मेंटेनेंस, ऑटोमोबाइल रिपेयर एंड मेंटेनेंस, इंटरनेट ऑफ थिंग्स यानी आईओटी और प्लंबिंग से जुड़े पाठ्यक्रम शामिल हैं।

इस साझेदारी के तहत युवाओं को तकनीकी प्रशिक्षण के साथ रोजगार और स्वरोजगार के अवसरों से जोड़ने पर जोर दिया जाएगा। उद्योगों के साथ संपर्क और प्रशिक्षण के बाद रोजगार दिलाने की व्यवस्था को भी मजबूत किया जाएगा।

संलग्न- फोटो

कैप्शन- कौशल विकास एवं सेवायोजन विभाग और एम-थ्री-एम फाउंडेशन के बीच समझौता

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।